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डायबिटीज मरीजों को कदà¥à¤¦à¥‚ खाना चाहिठया नहीं, जानिठसचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ
कदà¥à¤¦à¥‚ में जो फाइबर होता है जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को मैंटेन रखता है.
is pumpkin beneficial for diabetic patient? कदà¥à¤¦à¥‚ (Pumpkin) बहà¥à¤¤ ही लो कैलोरी वाला फूड है. इसमें कई तरह के पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं जो संपूरà¥à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ (Overall health) के लिठबेहतर माना जाता है. 120 गà¥à¤°à¤¾à¤® कदà¥à¤¦à¥‚ में 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, 11 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, 3 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर, 4 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र मौजूद होता है. इसके अलावा कदà¥à¤¦à¥‚ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आइरन, विटामिन सी और पà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ ठà¤à¥€ पाया जाता है. सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि कदà¥à¤¦à¥‚ में सिरà¥à¤« 50 कैलोरी ऊरà¥à¤œà¤¾ ही मिलती है. कदà¥à¤¦à¥‚ में फैट बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नहीं पाया जाता है. इसलिठयह हारà¥à¤Ÿ की हेलà¥à¤¥ के लिठतो अचà¥à¤›à¤¾ है ही लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ यह डायबिटीज मरीजों के लिठà¤à¥€ बेहतर काम करता है. इसके अलावा कà¥à¤¯à¤¾ डायबिटीज मरीजों में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कम करने में मददगार है.
डायबिटीज मरीजों को कदà¥à¤¦à¥‚ का सेवन करना चाहिठया नहीं इसे लेकर लोगों के मन में इसी तरह के कई सवाल होते हैं. दरअसल, कदà¥à¤¦à¥‚ में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥ˆà¤Ÿ और शà¥à¤—र दोनों पाया जाता है. इसलिठलोगों के मन में शंका होती है कि इससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ सकता है. हेलà¥à¤¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ को खबर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अगर सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में कदà¥à¤¦à¥‚ का सेवन किया जाठतो इससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल नहीं बढ़ता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कदà¥à¤¦à¥‚ में जो फाइबर होता है वह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को मैंटेन रखता है.
10 से नीचे जीà¤à¤² डायबिटीज मरीजों के लिठबà¥à¤°à¤¾ नहीं
कदà¥à¤¦à¥‚ का जीआई 75 है जबकि इसका जीà¤à¤² सिरà¥à¤« 3 है. जीआई यानी गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ (glycemic index –GI) और जीà¤à¤² यानी गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• लोड (glycemic load -GL) का मतलब होता है किसी फूड से कारà¥à¤¬à¤¾à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, शà¥à¤—र या सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š के कारण शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के बनने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कितनी है. यह à¤à¤• तरह से फूड की रैंकिंग का माप है जिससे पता चलता है कि फलां फूड में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बढ़ाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ इतनी है.
आमतौर पर यह माना जाता है कि अगर जीà¤à¤² 10 से नीचे है तो यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र पर कोई खास पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं डालता. दूसरी और जीआई को 1 से 100 के बीच मापा जाता है. इससे à¤à¥€ यही इंगित होता है कि खून में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ को किस हद तक बढ़ा सकता है. फूड का जितना जीआई होगा, उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को बढ़ाà¤à¤—ा.
सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन फायदेमंद
अगर कदà¥à¤¦à¥‚ में जीआई के माप को मानक बनाया जाठतो तो यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को बढ़ाने वाला माना जाà¤à¤—ा लेकिन चूंकि जीà¤à¤² सिरà¥à¤« 3 है, इस लिहाज से यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को घटाने का काम करेगा. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जीआई से फूड में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥ˆà¤Ÿ की सही मातà¥à¤°à¤¾ का पता नहीं चल पाता है. जबकि जीà¤à¤² से वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में यह आंका जा सकता है कि कोई फूड बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को बढ़ाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखता है. इसलिठअगर सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में कदà¥à¤¦à¥‚ का सेवन डायबिटीज के मरीज करते हैं तो इससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल नहीं बढ़ना चाहिठलेकिन अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कदà¥à¤¦à¥‚ का सेवन करते हैं तो इससे खून में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ सकती है.
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